Sunday, April 25

कि तुमसे बेहतर कोई नहीं.....ये हर कली को बताऊंगा....

किसी ने अपने ब्लॉग पे पुराने गानों को श्रद्दांजलि दी हुई थी, कुछ दिन पहले. पुराने गानों से मेरा मतलब ८०-९० के दशक के वो dhinchak गाने हैं, जिनकी छाया में हमारे बचपन और लड़कपन के दिन गुज़रे हैं....वो गाने जिनपे हमने मोहल्ले के हर भैय्या/ दीदी के ladies संगीत में नाचा है, जिनकी ऑडियो कैसेटे को इतने बार सुना है की रील ही चरमरा जाए, जिनमे हेरोइनो के steps कॉपी करने में हमने अपने कई दिन लगाए हैं, और फिर घंटो चर्चा की है की कौन ज्यादा सही छाप पाया है....ऑडियो casette और tape रेकॉर्डर के वो दिन, और उनपे घंटो बजते कुछ अनमोल नगीने....

१. ये गाना मेरा "बारात" गाना है. मुझे लगता था, की ये गाना सिर्फ बारात में बैंड वाले अंकल के गाने के लिए ही बनाया गया है. क्यूंकि इसके अलावा मैंने इसे कभी नहीं सुना था. गाने के बोल हैं.."मय से..मीना से..न साक़ी से......दिल बहलता है मेरा आपके आ जाने से.."...अब अक्सर बारातों में ये कुछ ऐसे गाया जाता था कि मैं सोचती थी कि "मैसेमीनासेनासाकिसे" ..ये कोई एक शब्द है..जिसका कुछ मतलब होता है..जो सिर्फ फिल्मों में ही इस्तेमाल होता है....जैसे साजन, मोहब्बत etc टाइप के कुछ और शब्द जो की असल ज़िन्दगी में तो कभी इस्तेमाल होते नहीं है.. ..:D ..काफी बड़े होने पे समझ में आया...कि गाने "मय".."मीना"..और "साक़ी" कि बात कर रहा है...:)..और गज़ब बात ये है.....कि बारात वाले गवैय्या, इसे बड़ी original singer सी आवाज़ में गाते थे. खैर, गाना मुझे बड़ा ही पसन्द है....१ दम धमाल beats हैं..और lyrics भी अच्छे हैं..:)




२. मैंने "मैंने प्यार किया" का ये गाना चित्रहार में देखा था पहली बार .....कभी कभी १ दम नयी फिल्मों के गाने भी आ जाया करते थे.....बड़ा ही मधुर गाना है..और गाया भी बड़ी खूबसूरती से गया है. इस गाने में १ लाइन है..."ये पगला है समझाने से समझे न..", अब इस गाने में ये गाते हुए..हिरोइन हीरो को pamper कर रही थी..और वो कुछ बच्चों जैसे हरकत कर रहा था....तो मेरे समझदार दिमाग में पहला ख़याल आया..कि फिल्म में लड़का mentally retarted होगा, और ये हिरोइन इसलिए ऐसा गा रही है...:D ....infact गाने में सभी लोग नौका विहार कर रहे हैं, तो मुझे लगा कि ऐसे ही retarted बच्चों को पिकनिक पे लाया गया है....ये भ्रम बहुत दिन बाद टूटा, जब मैंने फिल्म देखी और पाया कि ऐसा नहीं है..:)....खैर ये तब कि बात है जब मैं 3rd -4rth में हुआ करती थी..तो फिल्म वैसे भी कुछ विशेष समझ नहीं आई थी...:)



३. ये गाना था "ladies संगीत" गाना. कालोनी कि हर...मतलब बिला नागा हर शादी में, मुझे और मेरी प्रिय दोस्त अरुणा को बुलाया जाता था, और हम थोड़ी सी ना नुकुर करके, नहीं आंटी...मुझे नहीं आता types ड्रामा करके, platform संभाल लेते थे....कभी कभी तो २-३ लोग १ साथ...बिना किसी तारतम्य के, देखने वाले को समझ ही ना आये..कि किसका dance देखे.....पर हमें (यानी कि हम दोनों और हमारे जैसे कई और कालोनी के budding dancers को) लगता था कि श्रीदेवी और माधुरी में competetion है नंबर १ position के लिए, फिर अगर कोई डांसर है तो बस हम..:D ...:D..खैर, ये गाना १ ऐसा सदाबाहार गाना है कि आज भी हर ladies संगीत कि रौनक बढा सकता है....



४. फिर लम्हे का ये सुपर गाना, जो आज भी उतना ही बेहतरीन लगता है, जितना २० साल पहले लगता था. लम्हे हमारे घर आने वाली first few cassettes में से थी. मुझे याद है ऑडियो cassette में ये गाना abdrupty शुरू हो जाता था, यानी..play का button दबाते ही गाना शुरू, और पहली १-आध लाइन गायब....गाना चलाने के बाद कोई खाली आवाज़ आती ही नहीं थी...इस्पे बड़ी चर्चा हुई...कि cassette खराब आ गयी है..इसे बदल के लाना होगा....जो खैर कभी नहीं हुआ...:)...."मोरनी बागा माँ बोले" इस लाइन पर मेरी सभी सहेलियों के अलग स्टेप्स हुआ करते थे....जिसका स्टेप जितना unique और creative, वो उतना बढ़िया डांसर....:D ...और स्टेप कॉपी करने कि तो बिलकुल नहीं थी, वर्ना आपको बड़ी हेय दृष्टि से देखा जा सकता था...:D ..खैर..मेरा स्टेप कुछ घुटनों के बल बैठ के types होता था...जो काफी जगह घेर लेता था, डांस करते समय....और मुझे बड़ा फक्र था उसपे..:D




५. १९९३ में रंग फिल्म आई थी. उसका ये गाना मुझे बहुत पसंद है...:)..इस गाने को तो मैंने सुन सुन के ख़तम ही कर दिया था...:D ....मुझे याद है, ये film दिव्या भारती की death के बाद आई थी, she died in the first week of April 93 i guess, we were waiting our schools to reopen after the final exams in March and i saw the news in the DD afternoon news. खबर सुनते ही मैं सरपट दौड़ी अरुणा को बताने, क्यूंकि उनके घर में दिन में टीवी थोरा कम ही चला करता था. इस के बाद कई दिन, हमारी हर गोष्ठी में इस अकस्मात् निधन पे काफी गहरी चर्चा होती रही. Infact मेरे बच्चा मन को इस बात ने इतना affect किया था, की मुझे कब ही कभी सपने भी आते थे...की मैं दिव्या भारती की death का investigation kar rahi hun...:O. दिव्या भारती के कोई रिश्तेदार हमारे शहर में रहा करते थे, और १ बार वो किसी शादी में शामिल होने हमारे शहर आयीं थी. तो हमारी क्लास के कुछ बच्चों ने उस बारात को अपनी छत से देखा था, या उस शादी में शामिल हुए थे.....उनकी काफी पूछ रही क्लास में अगले कुछ दिनों तक...:D anyways , this song is melodious, typical kumar sanu-alka yagnik style..:)




६. बाकी, फूल और कांटे फिल्म के ये गीत which thrills me in the same away, even after so many years. I love the way the hero bindaas-ly declares his love to the whole world. सीधे कॉलेज में mice पे जाके announcement करके..:D ..जिसको जो उखाड़ना है उखाड़ ले....lol .प्यार करो तो ऐसे करो..वर्ना ना करो..:D ....गाने में बात है......१ दम dhinchak ..:))....इस फिल्म के बाद हीरो श्री अजय देवगन को संन्यास ले लेना चाहिए था, और हिरोइन को यहीं टिकना चाहिए था. पर वो बेचारी तो रोजा के बाद गायब हो गयी, और ये अंकल अब तक लहरा रहे हैं....



७. १ फिल्म आई थी, जान तेरे नाम....रोनित रॉय aka बजाज ... सास बहु वाले श्रीमान, और १ माधुरी दीक्षित के जैसे वाली दिखने वाली लड़की फरहीन की, उसका १ ये गाना मुझे बहुत पसंद था..:)..आशा भोंसले की आवाज़ में अति उत्तम लगता है..:)....infact इस फिल्म का १ और गाना बड़ा hit था.."first time dekha tumhe hum kho gaya...2nd time mein love ho gaya.."....simplified, time saving प्यार..नो झोल etc....:D.....ये cassette हमारे घर में, माशूक नाम की १ और "कब आई..कहाँ गयी" टाइप मूवी के साथ था...यानी १ cassette में २ फिल्में..जैसे आजकल, CDs में आती हैं फिल्में....




८. दिल फिल्म के दो गाने मुझे बड़े अच्छे लगते थे/ हैं.....ये वाला specially ....:)...साधना सरगम और जगजीत सिंह अपनी आवाज़ में गाली भी दें तो भी अच्छी लगेगी....:)
(इस गाने का JS से कोई लेना देना नहीं है though). उस समय फिल्में देखने तो बहुत मिलती नहीं थीं, इसलिए शायद ये फिल्म मैंने आज तक नहीं देखी है, पूरी that इस. बस इतना याद है की अन्ताक्षरी में अगर "ख" से गाना आ जाए...तो "खम्बे जैसी खड़ी है" कुछ गिने चुने गानों में से होता था, जो हमे आते थे.....:)



९. ये है एक रंगोली स्पेशल गाना.....मुझे याद है, ये गाना almost हर sunday ही रंगोली में आ जाया करता था, इसकी धुन मुझे बड़ी पसंद है..:)...कुछ गुमनाम सी फिमों के कुछ गाने बड़े ही ace types निकल जाते हैं. ये भी उन्ही में से १ था...
infact ऐसा ही १ उत्तम गाना है ये भी.....

आहा...१ ये गाना है; अत्यधिक मधुर...:)..... ऐसे ही १ गुमनाम फिल्म.."कल कि आवाज़" का....इसे apparently किसी पाकिस्तानी फिल्म से चोरा गया है, खैर क्या फरक पड़ता है.....



और १ और मेरा एवेर्ग्रीन favourite गाना..kishen kanhaiyya फिल्म का...:D ...इसकी ये लाइन मेरी by default गुनगुनाने वाली लाइन है.....
"हंसी बहारों में तुमको...फूलों से मैं मिलवाऊंगा..की तुमसे बेहतर कोई नहीं.....ये हर कली को बताऊंगा....फूलों से ज्यादा..क्या मैं हंसी हूँ...दिन में न ख्वाब..दिखाओ तुम"



अनिल कपूर क्या तो हीरो है.... an allrounder when it comes to acting, dance, comedy, screen presence.... १ दम सीटी बजाने types performance ..:)
ये भी उस समय बारातों में धमाल तरीके से बजा करता था....:)

This list can actually never end..:)..with every new song i put here...another one is ready to be tagged along...:)..so will give it rest here, till the time i again feel like enumerating some more jewels of yesteryears....:)

9 people have something to say...:

chhavi said...

waah deepti maza aa gayaaa aapka bahut bahut dhanyawaad :))))))))))))))))))))))))))

Udai said...

nice collection!!! though for me i prefer to skip the eighties and early nineties from my playlists :) I could never stand kumar sanu!!! but there are some songs which i would like to see in the playlist!! arguably my most fav album of the eighties is missing here QSQT and the song that we grew up with lakdi ki kathi from Masoom :)

Neeraj Rohilla said...

उफ़ क्या कहें और कहाँ से शुरू करें....

घर से स्कूल (६-८ क्लास) का ४५ मिनट का सफ़र और रंगोली और अन्ताक्षरी का दौर...फ़िल्मों के पोस्टर को गौर से देखना और पहली बार रिक्शे वाले भैयाजी से अपने दोस्त के माध्यम से पूछना कि "केवल व्यस्कों के लिये" से क्या मतलब है? भैयाजी ने हडकाया और कहा कि चित्रा टाकीज के पोस्टर की तरफ़ दोबारा देखते देख लिया तो पहले यहाँ मार पडेगी और बाद में घर और स्कूल में...बेचारा दोस्त...

खैर उसके बाद इतिहास की किताब में पढा कि अकबर जब व्यस्क हो हो गया तो उसने राज काज की बागडोर अपने सेनापति से अपने हाथ में ले ली। इस व्यस्क ने बडा कन्फ़्यूज किया, खैर आई डाईग्रेस...

उसके बाद स्कूल से घर तक अन्ताक्षरी का दौर और गला फ़ाड फ़ाड कर गाना...मैने प्यार तुम्ही से किया है से ज्यादा उसका तुरूरू तुरूरु रोमांच देता था, आजकल तुरूरू कहीं सुनने को ही नहीं मिलता...
उसके बाद हमारा मित्र अजय सिंह, बडा दर्द था उसको....जब देखो, दिल क्या चीज है जानम अपनी जान तेरे नाम करता है गाने को तैयार रहता था। जी.जी.आई.सी. का रिक्शा बगल से गुहरे तो हमारे सुर और तेज हो जाते थे...

गोरे रंग पे न इतना गुमान कर बडी शिद्द्त से गाते थे, और मैं दुनिया भुला दूँगा तेरी चाहत में सैकडों बार गाने के बाद भी किसी ने मौका नहीं दिया दुनिया भुलाने का...;)

खैर, बहुत बढिया पोस्ट...मन खुश कर दिया....
अरे मेरी प्याज जल जायेगी...बाय बाय...:)

wishes galore said...

sach mein purani yaad taza ho gayi...
1) wo ladis sangeet mein" nahi..aata.." types nakhre ke baad apni rea dancing skills dikhana:)

2) jaan tere naam was the first movie i saw in a movie theatre:P we used to dance in the song you mentioned..:)
ahh those days:)

प्रवीण पाण्डेय said...

पहला गाना मुझे कभी पसन्द नहीं रहा है । बाकी गाने बहुत अच्छे हैं ।

anjule shyam said...

"ये पगला है समझाने से समझे न..", wawo purani jins aur gitar..sath mein purane gano ki yaad ..lazwab.......

The Alchemist said...

Hilarious to the hilt.. Aapke likhne ka salikha din par din aur behtar aur jaykedar hota ja raha hai :)

Avneesh Kumar Rathor said...

सराहनीय लेख (कृपया क्षमा करें यदि blog का सही अनुवाद लेख नहीं है).
में नहीं जानता कि किसी को याद है कि नहीं लेकिन एक और अति प्रसिद्ध गीत है जो उन दिनों में बहुत चलता था. बोल कुछ इस तरह से हैं... "आ जाना तू पान कि दुकान पे..." और फिर कुछ "रुक रुक रुक, अरे बाबा रुक..." तरह के गीत भी थे जो उन दिनों राज करते थे !

खैर, उपसंहार ये है कि ये वाली post पढके बहुत ही आनंद आया. धन्यवाद् दीप्ति. आशा करता हूँ कि और भी ऐसे बढ़िया बढ़िया post पढने का अवसर देंगी आप.

Vivek Rastogi said...

सारे के सारे शादी के मूड वाले गाने देखकर सुनकर मजा आ गया। ऐसा लगा कि मैं शादी में ही चला गया हूँ। धन्यवाद।